जीवन की डोर
जीवन हमारा, जीवन का हर पल हमारा पर जीवन की, हर पल की डोर सिर्फ ऊपरवाले की ओर दिन में उजाला, रात अँधेरी बदल न सके दुनिया की फेरी पैसे को पैसा खींचे हँसी को लूटे हँसी चाहे जितना ज़ोर लगालो कर्मों की सज़ा तो होगी पूरी धन से न ख़ुशी मिले है दिल का चैन है ज़रूरी जब तक मन न होए पावन तब तक न आए खुशियों का सावन